निरीक्षण में गायब मिले पंचायत सचिव; जिला पंचायत CEO ने कारण बताओ नोटिस जारी करने के दिए निर्देश..कोटा की 3 पंचायतों में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर भी सख्ती!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा को लेकर जिला पंचायत प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल ने जनपद पंचायत कोटा की ग्राम पंचायत नवागांव सलका, कुआड़ीमोड़ा और गोबरीपाट में निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर अधिकारियों को जरूरी सुधार करने के निर्देश दिए। वहीं, निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित मिले पंचायत सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर के निर्देशानुसार किए गए निरीक्षण में जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ), सांसद निधि और वीबी-जी राम जी योजना सहित विभिन्न मदों से कराए जा रहे निर्माण कार्यों की स्थिति देखी गई। इनमें सामुदायिक भवन, प्रार्थना शेड, उचित मूल्य की दुकान, बाउंड्रीवॉल, बालिका शौचालय और आंगनबाड़ी भवन शामिल हैं। सीईओ ने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी लेकर गुणवत्ता सुनिश्चित करने और सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने को कहा। बारिश में पानी भरने की समस्या रोकने के निर्देश निरीक्षण के दौरान प्रार्थना शेड की ऊंचाई बढ़ाने तथा उचित मूल्य की दुकान के फर्श का स्तर ऊंचा करने के निर्देश संबंधित उप अभियंता को दिए गए। इसका उद्देश्य बारिश के दौरान पानी भरने की समस्या से बचाव करना और ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सीईओ ने निर्माण कार्यों में जरूरी सुधार कर गुणवत्ता के निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
आंगनबाड़ी की साफ-सफाई पर जोर, सचिव को नोटिस…..
आंगनबाड़ी केंद्रों में साफ-सफाई और सुव्यवस्थित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। सीईओ ने कहा कि बच्चों को स्वच्छ और अनुकूल वातावरण मिलना चाहिए। निरीक्षण के दौरान पंचायत सचिव की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान जनपद पंचायत सीईओ युवराज सिंहा, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के एसडीओ, जिला कार्यक्रम अधिकारी वीबी-जी राम जी, संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच-सचिव और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
