बिलासपुर; बिजली व्यवस्था नहीं सुधरी तो होगा उग्र आंदोलन, जनपद सीईओ का भी करेंगे घेराव: अटल श्रीवास्तव..जीवदीप समिति की बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा, बिजली संकट और जनपद सीईओ की कार्यशैली पर विधायक ने जताई नाराजगी!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) कोटा जनपद कार्यालय में आयोजित जीवदीप समिति की बैठक में क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं और बिजली व्यवस्था को लेकर गंभीर चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने की। इस दौरान स्वास्थ्य केंद्रों के भवन, संसाधनों और आवश्यकताओं की समीक्षा करते हुए वाशिंग मशीन, सोलर सिस्टम और जनरेटर की स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक के दौरान विधायक अटल श्रीवास्तव ने कोटा एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए क्षेत्र में लगातार बिगड़ रही बिजली व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि धुमा, तेंदुआ, गोबरीपाट, करगीखुर्द, नवागांव, शिवतराई, बिल्लीबंद, मोहंदी, चंगोरी, खुरदूर, जोगीपुर, सेमरिया, मझगांव सहित कई गांवों में पिछले 8 से 10 दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित है। वहीं कोटा और रतनपुर नगर सहित आसपास के क्षेत्रों में भी बार-बार बिजली गुल होने से आमजन परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रांसफार्मरों की कमी, संसाधनों का अभाव और बिजली विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों की निष्क्रियता के कारण समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। इसका असर किसानों, विद्यार्थियों, व्यापारियों और घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है। विधायक ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही बिजली व्यवस्था में स्थायी सुधार नहीं किया गया तो कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और ग्रामीण बिजली विभाग के कार्यालय का घेराव कर उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने को मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। बैठक में विधायक ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी युवराज सिन्हा की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सीईओ नियमित रूप से कार्यालय नहीं आते, जिससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और जनप्रतिनिधियों सहित आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कार्यशैली में सुधार नहीं हुआ तो जनपद सीईओ का घेराव करने के साथ ही उच्च स्तर पर शिकायत कर कार्रवाई की मांग की जाएगी। बैठक में एसडीएम प्रवेश पैकरा, बीएमओ डॉ. श्वेता सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं समिति के सदस्य उपस्थित रहे।