एनटीपीसी सीपत में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उत्साह: Yoga for Healthy Ageing’ थीम पर आयोजित योग सत्र में अधिकारी, कर्मचारी, सीआईएसएफ जवान और विद्यार्थियों ने किया सामूहिक योगाभ्यास!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) एनटीपीसी सीपत में रविवार को 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का उत्साह और उमंग के साथ आयोजन किया गया। “Yoga for Healthy Ageing” थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में एनटीपीसी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों, उनके परिवारजनों, सीआईएसएफ के अधिकारियों और जवानों तथा विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर योग के माध्यम से स्वस्थ और संतुलित जीवन का संदेश दिया। आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में आयोजित योग सत्र में प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासन, स्ट्रेचिंग अभ्यास और प्राणायाम का अभ्यास किया। प्रशिक्षकों ने योग के शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों पर विस्तार से जानकारी देते हुए नियमित योगाभ्यास को जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। योग सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और समर्पण के साथ तन्मयता से अभ्यास किया। इस अवसर पर बेहतर स्वास्थ्य, मानसिक शांति और समग्र कल्याण के लिए योग को दैनिक दिनचर्या में शामिल करने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि मन, शरीर और आत्मा के संतुलन की एक प्रभावी जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को सकारात्मक ऊर्जा और निरोगी जीवन प्रदान करती है। कार्यक्रम में सुरोजीत सिन्हा, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं अनुरक्षण), अशोक सरकार, महाप्रबंधक (प्रचालन एवं ईंधन प्रबंधन), विकास खरे, महाप्रबंधक (इंजीनियरिंग), अनुराग गौतम, अपर महाप्रबंधक (मेंटेनेंस), वरिष्ठ अधिकारीगण, कर्मचारीगण, यूनियन एवं एसोसिएशन के सदस्य, कपिल सुधाकर कामडी, उप कमांडेंट, सीआईएसएफ, सीआईएसएफ के अधिकारी एवं जवान तथा शलभ निगम, प्राचार्य, बाल भारती पब्लिक स्कूल सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि एनटीपीसी सीपत द्वारा योग एवं स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जाते हैं। टाउनशिप परिसर में आर्ट ऑफ लिविंग के सहयोग से नियमित योग सत्र आयोजित किए जाते हैं, जिनमें अधिकारी, कर्मचारी और उनके परिवारजन सक्रिय रूप से भाग लेते हैं। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवनशैली के प्रति एनटीपीसी सीपत की प्रतिबद्धता का प्रतीक बना। आयोजन ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि नियमित योगाभ्यास ही निरोगी जीवन और मानसिक संतुलन की कुंजी है।

