मस्तूरी; सात सूत्रीय मांगों को लेकर कांग्रेस का आंदोलन: 22 से 26 जून तक एसडीएम व बिजली कार्यालयों का घेराव; बिजली, सड़क, पानी, खाद-बीज और महंगाई समेत जनसमस्याओं को लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का ऐलान!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में बिजली, सड़क, पानी, खाद-बीज, शिक्षा, स्वास्थ्य और बढ़ती महंगाई सहित सात सूत्रीय जनसमस्याओं को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। विधायक दिलीप लहरिया तथा सीपत और मस्तूरी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र धीवर एवं भोलाराम साहू के नेतृत्व में 22 जून से 26 जून तक विभिन्न स्थानों पर धरना-प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। घोषित कार्यक्रम के अनुसार 22 जून को जोंधरा चौक मस्तूरी में धरना प्रदर्शन के बाद एसडीएम कार्यालय मस्तूरी का घेराव, 24 जून को बस स्टैंड पचपेड़ी में प्रदर्शन के बाद बिजली कार्यालय पचपेड़ी का घेराव तथा 26 जून को नवाडीह चौक सीपत में धरना के बाद बिजली कार्यालय सीपत का घेराव किया जाएगा। कांग्रेस ने कहा है कि जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर यह आंदोलन किया जा रहा है।
कांग्रेस की सात प्रमुख मांगें:-
1.अघोषित बिजली कटौती और बढ़े हुए बिजली बिलों पर रोक…….
कांग्रेस का आरोप है कि मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती से आमजन, किसान, व्यापारी और विद्यार्थी परेशान हैं। भीषण गर्मी में घंटों बिजली गुल रहने से पेयजल व्यवस्था प्रभावित हो रही है और किसानों को सिंचाई में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पार्टी ने निर्बाध बिजली आपूर्ति, खराब ट्रांसफार्मरों के शीघ्र प्रतिस्थापन और बढ़े हुए बिजली बिलों पर रोक लगाने की मांग की है।
2.जर्जर सड़कों का निर्माण और मरम्मत……
क्षेत्र की कई सड़कें लंबे समय से बदहाल स्थिति में हैं। बरसात के दौरान आवागमन और भी कठिन हो जाता है तथा दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। कांग्रेस ने सभी क्षतिग्रस्त सड़कों का सर्वे कर प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत और नए निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है।
3.किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध कराना……..
खरीफ सीजन से पहले सहकारी समितियों में खाद और बीज की कमी का मुद्दा उठाते हुए कांग्रेस ने कहा कि किसान निजी दुकानों से महंगे दामों पर खाद-बीज खरीदने को मजबूर हैं। पार्टी ने पर्याप्त भंडारण, उचित मूल्य पर वितरण और कालाबाजारी पर कार्रवाई की मांग की है।
4.पेयजल संकट का स्थायी समाधान…….
कई गांवों और शहरी क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत, नल-जल योजनाओं के सुचारू संचालन और जरूरतमंद क्षेत्रों में टैंकरों से जलापूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
5.शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार…….
कांग्रेस ने क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, जर्जर भवनों और मूलभूत सुविधाओं के अभाव का मुद्दा उठाया। साथ ही स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टरों, नर्सों और दवाइयों की कमी दूर करने, अतिरिक्त कक्ष, अहाता और शेड निर्माण सहित शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने की मांग की।
6.महंगाई पर नियंत्रण………
पार्टी ने पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को आम जनता पर आर्थिक बोझ बताते हुए केंद्र और राज्य सरकार से ईंधन की कीमतों में राहत देने और महंगाई पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की मांग की है।
7.बुनियादी ढांचे का विकास………
कांग्रेस ने मस्तूरी मुख्यालय में विश्राम गृह निर्माण, नवीन बस स्टैंड के निर्माण तथा जनपद पंचायत कार्यालय के लिए नए भवन के निर्माण की मांग भी उठाई है।
मांगें नहीं मानी गईं तो होगा आंदोलन तेज……..
विधायक दिलीप लहरिया ने कहा कि यदि शासन और प्रशासन ने इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान नहीं किया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने क्षेत्र की जनता से बड़ी संख्या में धरना-प्रदर्शन में शामिल होकर जनहित की इस लड़ाई को मजबूत बनाने की अपील की है। कांग्रेस के इस आंदोलन को मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र में जनसमस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ बड़े राजनीतिक अभियान के रूप में देखा जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है।
