मामूली विवाद में जीजा ने साले की हत्या कर शव जलाया, जंगल में फेंका कंकाल…..

छत्तीसगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) कोरिया जिले के गोल्हाघाट से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। यहां अपनी छोटी बहन के घर मेहमान बनकर आए युवक की उसके ही जीजा ने मामूली विवाद के बाद गला घोंटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए शव को जला दिया और जंगल में फेंक दिया। मृतक की पहचान सूरजपुर जिले के ग्राम तेंदूपारा निवासी टेकराम भगत (47 वर्ष) के रूप में हुई है। टेकराम 25 दिसंबर 2025 को अपनी छोटी बहन संतरा सिंह के घर गोल्हाघाट आया था। कुछ दिन रुकने के बाद 4 जनवरी 2026 को वह अपने बहनोई खेलसाय सिंह के साथ घर लौटने निकला, लेकिन इसके बाद वह कभी वापस नहीं पहुंचा। टेकराम के घर नहीं पहुंचने पर बहन संतरा सिंह ने बैकुंठपुर कोतवाली थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस जांच में सामने आया कि टेकराम आखिरी बार अपने बहनोई खेलसाय के साथ देखा गया था। जब पुलिस ने खेलसाय से पूछताछ की तो वह बार-बार बयान बदलने लगा। सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी टूट गया और उसने हत्या की बात कबूल कर ली। आरोपी खेलसाय ने पुलिस को बताया कि 4 जनवरी को वह टेकराम के साथ तिवरागुड़ी-चोरकीपानी इलाके में पहुंचा था। वहां किसी मामूली बात को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। गुस्से में आकर खेलसाय ने गमछे से टेकराम का गला दबा दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी ने शव को पहले छिपा दिया। रात के समय वह शव को अपने घर के पीछे बाड़ी में ले गया, जहां पेट्रोल डालकर उसे जला दिया। इसके बाद शव को मिट्टी और सूखे पत्तों से ढक दिया। 6 जनवरी 2026 को आरोपी ने जले हुए शव को निकालकर घुटरी पहाड़ की खाई में फेंक दिया। वहीं 10 जनवरी को उसने मृतक का जला हुआ जैकेट और हत्या में इस्तेमाल किया गया गमछा प्लास्टिक बोरे में भरकर रघुवीरपुर प्लांटेशन जंगल में ले जाकर जला दिया, ताकि कोई सबूत न बचे। बैकुंठपुर पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर घुटरी पहाड़ के जंगल से मृतक का जला हुआ कंकाल बरामद किया। चूंकि घटना स्थल रामानुजनगर थाना क्षेत्र में आता है, इसलिए कोरिया पुलिस ने केस डायरी रामानुजनगर थाना को भेज दी। रामानुजनगर थाना पुलिस ने मामले में हत्या का अपराध दर्ज करते हुए आरोपी खेलसाय सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
