बिलासपुर; डिजिटल अरेस्ट के नाम पर 57 लाख की ठगी, अंतर्राज्यीय गिरोह का सदस्य गिरफ्तार…..

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) साइबर अपराधियों द्वारा लोगों को “डिजिटल अरेस्ट” का डर दिखाकर ठगी करने के मामलों पर रेंज साइबर थाना बिलासपुर को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग पार्सल जैसे गंभीर मामलों में फंसाने की धमकी देकर 57 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनिंदर सिंह (54 वर्ष), पिता निरंजन सिंह, निवासी शांति नगर नॉर्थ वेस्ट दिल्ली / मौथुरपुरा शिकारपुर, जिला बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। यह मामला पहले थाना सिविल लाइन बिलासपुर में दर्ज हुआ था, जिसे जांच के लिए रेंज साइबर थाना को सौंपा गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी और उसके साथियों ने पीड़ित को वर्चुअल मोबाइल नंबर और फर्जी सिम कार्ड से कॉल कर खुद को जांच एजेंसी का अधिकारी बताया। मनी लॉन्ड्रिंग और ड्रग पार्सल केस में नाम आने का डर दिखाकर पीड़ित को व्हाट्सएप के जरिए “डिजिटल अरेस्ट” में रखने की बात कही गई। केस से बचाने के नाम पर अलग-अलग खातों में 57 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए गए। जांच के दौरान साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल, बैंक खातों, ऑनलाइन लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया गया। इससे आरोपियों के दिल्ली और उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से जुड़े होने की पुष्टि हुई। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर निरीक्षक गोपाल सतपथी के नेतृत्व में विशेष टीम दिल्ली रवाना हुई, जहां स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने गिरोह के साथ मिलकर फर्जी सिम, वर्चुअल नंबर और फर्जी बैंक खातों के जरिए साइबर ठगी करता था। ठगी की रकम को “लेगेसी लोन” नामक ऐप के जरिए लोन के रूप में दिखाकर निकाला जाता था। आरोपी कमीशन के लालच में अपनी कंपनी के करंट अकाउंट का इस्तेमाल करता था। इस पूरी कार्रवाई में रेंज साइबर थाना बिलासपुर की टीम की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, डिजिटल अरेस्ट या जांच एजेंसी के नाम पर पैसे मांगने वाले संदेशों से सावधान रहें और तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करे।


















