बिलासपुर; सुरक्षा मांगना पड़ा महंगा, नोवा प्लांट से 13 कर्मचारी बाहर….

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले के औद्योगिक क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की मांग उठाना कर्मचारियों को भारी पड़ गया। दगौरी–ढाकुरी स्थित नोवा प्लांट में काम करने वाले 13 कर्मचारियों को प्रबंधन ने काम से हटा दिया है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्होंने सिर्फ अपनी जान की सुरक्षा और बेहतर कार्य व्यवस्था की मांग की थी। जानकारी के मुताबिक, नोवा प्लांट में सैकड़ों मजदूर लंबे समय से कार्यरत हैं। इनमें कई कर्मचारी 5 से 10 साल से अधिक समय से प्लांट में सेवाएं दे रहे हैं। हाल के दिनों में इंडस्ट्री में बढ़ती दुर्घटनाओं ने कर्मचारियों की चिंता बढ़ा दी थी। कुछ दिन पहले प्लांट में ही एक मजदूर काम के दौरान गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसके बाद कर्मचारियों ने प्रबंधन के सामने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग रखी। कर्मचारियों ने 11 सूत्रीय मांगों के तहत प्लांट परिसर में एमबीबीएस डॉक्टर की तैनाती, एंबुलेंस सुविधा, आपात स्थिति में मोबाइल फोन इस्तेमाल की अनुमति, पर्याप्त सेफ्टी किट और स्थानीय कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने जैसी मांगें शामिल की थीं। कर्मचारियों का कहना है कि इन मांगों पर चर्चा करने के बजाय प्रबंधन ने 13 कर्मचारियों को बिना ठोस कारण बताए काम से बाहर कर दिया। जब कारण पूछा गया तो कर्मचारियों पर तोड़फोड़ और बदसलूकी जैसे आरोप लगाए गए, जिन्हें कर्मचारियों ने पूरी तरह गलत बताया है। नौकरी से निकाले गए कर्मचारियों ने इस मामले की शिकायत श्रम विभाग में दर्ज कराई है और न्याय की मांग की है। उनका कहना है कि वे किसी तरह का विवाद नहीं चाहते थे, बल्कि सिर्फ सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य वातावरण की मांग कर रहे थे। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में मजदूरों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या कर्मचारियों को इंसाफ मिल पाता है।


















