VIDEO: बिलासपुर में ट्रैफिक सिस्टम फेल; सड़कें जाम, पुलिस गायब…और बीच सड़क बैंड वाला ‘राज’ जारी!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) बिलासपुर में ट्रैफिक सुधार के दावों की पोल एक बार फिर खुल गई है। शहर के मुख्य मार्गों पर रोजाना जाम की स्थिति निर्मित हो रही है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस की मौजूदगी कहीं दिखाई नहीं देती। गांधी चौक से गोलबाजार और गांधी चौक से देवरी खुर्द ओवरब्रिज तक आए दिन जाम का नज़ारा आम हो चुका है। सवाल उठता है कि कागजी दावों के बावजूद सुधार कहाँ है? ताज़ा मामला दयालबंद के पंजाबी कॉलोनी के सामने का है। मंगलवार को शादी कार्यक्रम में बैंड धुमाल बाजे ने सड़क पर कब्जा कर लिया। राज बैंड की धूम इतनी बढ़ी कि पूरे रास्ते का आवागमन ही रुक गया। लगभग 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया, लेकिन ट्रैफिक पुलिस का एक भी जवान मौके पर नहीं दिखा। लोगों ने खुद आगे बढ़कर रास्ता खुलवाने की कोशिश की, पर बैंड संचालकों की मनमानी के आगे जनता बेबस नज़र आई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ट्रैफिक रामगोपाल करियारे को सूचना देने के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। लगभग एक घंटे बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
सिर्फ कैमरा चालान कर रहा ‘काम’…….
शहर में जगह-जगह कैमरे लगाए गए हैं, दावा किया जाता है कि इससे ट्रैफिक व्यवस्था सुधरेगी। मगर हकीकत इसके उलट है..कैमरे सिर्फ चालान काटने में सक्रिय हैं। जाम हो, अवरोध हो, या सड़क कब्जा… इन सब पर कोई कार्रवाई समय रहते नहीं होती। ट्रैफिक पुलिस सड़क से गायब और चालान सिस्टम ऑनलाइन सक्रिय हैं।
बैंड संचालक और सिस्टम दोनों पर सवाल……
बीच सड़क ‘हीरो बनने’ वाली बैंड पार्टी हो या निगरानी से गायब ट्रैफिक पुलिस दोनों की मनमानी जनता को सड़क पर परेशान कर रही है। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था सिर्फ़ चालान पर टिकी रहेगी या जाम हटाने के लिए भी कोई जिम्मेदारी तय होगी? यह बड़ा सवाल अब नागरिकों के बीच गूंज रहा है। बिलासपुर एक बार फिर ट्रैफिक के ‘कैमरा राज’ और ‘बैंड जाम’ के बीच जूझ रहा है, सुधार के दावे कागज़ पर हैं, सड़क पर नहीं हैं।


















