रायपुर NIT चौपाटी शिफ्टिंग पर हंगामा, JCB से ढहा दीं 70 दुकानें, पूर्व विधायक विकास उपाध्याय सहित कई नेता गिरफ्तार…..

रायपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) साइंस कॉलेज मैदान के पास बनी NIT चौपाटी को आमानाका शिफ्ट किए जाने को लेकर गुरुवार देर रात से शुरू हुआ विवाद शुक्रवार सुबह बड़ा रूप लेता गया। नगर निगम की कार्रवाई के दौरान 10 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित 60-70 दुकानों को JCB से तोड़ दिया गया। इसका विरोध कर रहे कांग्रेस के पूर्व विधायक विकास उपाध्याय और व्यापारियों को पुलिस ने बलपूर्वक हटाकर हिरासत में ले लिया। चौपाटी शिफ्टिंग की जानकारी मिलने पर पूर्व विधायक विकास उपाध्याय, व्यापारी और कांग्रेस नेता रात 11 बजे से ही धरने पर बैठे थे। सुबह निगम की टीम JCB लेकर पहुंची तो प्रदर्शनकारी मशीनों के सामने लेट गए और JCB पर चढ़कर विरोध जताया। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच जमकर झूमाझटकी हुई। नेताओं का आरोप है कि किसी तरह की पूर्व सूचना, बातचीत या विकल्प दिए बिना दुकानों को तोड़ा गया। व्यापारियों ने बताया कि 21 नवंबर को निगम की टीम केवल शिफ्टिंग की सूचना देकर चली गई, लेकिन कोई नोटिस नहीं दिया गया। हंगामा बढ़ने पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बलपूर्वक हटाया। पूर्व विधायक विकास उपाध्याय को पुलिस घसीटते हुए उठाकर ले गई। सभी को सेंट्रल जेल ले जाया गया है। उपाध्याय ने आरोप लगाया कि 10 करोड़ की चोपाटी गिरा दी गई। यहाँ के MLA अनपढ़ हैं, उन्हें नहीं पता स्टूडेंट्स को क्या चाहिए। हमारे साथी घायल हुए, पर हम डटे रहे। दूसरी ओर डिप्टी CM अरुण साव ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध स्वाभाविक है, लेकिन कांग्रेस अपनी राजनीति पर विचार करे। उन्होंने कहा कि सत्ता और विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस का रवैया हमेशा अलग होता है और उसका “दोहरा चरित्र” सामने आता है। गौरतलब है कि रायपुर की NIT चौपाटी पर 10 करोड़ रुपए खर्च कर विकास किया गया था। 2023 में भाजपा सरकार आने के बाद चौपाटी हटाकर यहां नालंदा-2 बनाने की योजना शुरू हुई। नवंबर 2025 में नगरीय प्रशासन ने शिफ्टिंग की तारीख 15 नवंबर तय की थी, लेकिन उससे पहले रेलवे ने 32 दुकानदारों को नोटिस भेजकर इस जमीन पर अपना दावा जताया। विवाद बढ़ने के बाद नगर निगम और रेलवे के बीच बातचीत जारी है, ताकि जल्द समाधान निकाला जा सके।
