रिश्वतखोरी और लापरवाही ने ली एक ही परिवार के 3 लोगों की जान: 2.60 लाख मंजूर, 10 हजार की घूस देने के बाद भी नहीं मिला पैसा, घटिया निर्माण से धंसा कुआं बेटे ने खोला पोल……

कोरबा: (प्रांशु क्षत्रिय) जिले के पाली थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत खोडरी के आश्रित गांव बनवार में भ्रष्टाचार और सरकारी तंत्र की लापरवाही ने एक ही परिवार के तीन लोगों की जान ले ली। मंगलवार सुबह करीब 6 बजे कुआं धंसने की दर्दनाक घटना में पिता, मां और बेटे की मौत हो गई। मलबे में दबे शवों को 26 घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाला गया।
मनरेगा योजना के तहत स्वीकृत हुआ था कुआं…….
मृतक जीवन राम श्रीवास के बेटे ने बताया कि उनके परिवार को मनरेगा योजना के तहत कुआं निर्माण के लिए 2.60 लाख रुपए स्वीकृत हुए थे। शुरुआत में कुछ राशि तो मिली, लेकिन मजदूरी के लिए जरूरी शेष धनराशि अटक गई। जब पिता ने पंचायत के रोजगार सहायक शिवकुमार से संपर्क किया तो उसने 10 हजार रुपए रिश्वत मांगी। मजबूरी में पिता ने खेत गिरवी रखकर यह राशि दी, फिर भी पैसे नहीं मिले। बेटे ने आरोप लगाया कि पैसे न मिलने की वजह से कुएं का निर्माण जैसे-तैसे कराया गया। घटिया सीमेंट और छड़ का इस्तेमाल हुआ। यदि निर्माण गुणवत्तापूर्ण होता तो उनके माता-पिता और भाई की जान नहीं जाती। मंगलवार सुबह तीनों कुएं में लगे मोटर पंप को निकालने की कोशिश कर रहे थे, तभी अचानक कुआं धंस गया और तीनों अंदर दब गए। घर पर मौजूद छोटे भाई-बहन ने जब यह देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन मलबा हटाने में 26 घंटे लग गए। घटना के बाद मौके पर पहुंचे एसडीएम टीएस भारद्वाज ने कहा कि उस समय प्राथमिकता मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालना था। शिकायतों की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
