हाईटेक लूट का पर्दाफाश; बीयर के बहाने दोस्त को बुलाकर लूटे 2.85 लाख, मास्टरमाइंड निकला खुद जिगरी यार..पुलिस ने 48 घंटे में किया सनसनीखेज वारदात का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार!

छत्तीसगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) दोस्ती का चोला पहनकर विश्वास तोड़ने वाली एक चौंकाने वाली वारदात का राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ पुलिस ने खुलासा किया है। 19 जून की रात करवारी मार्ग स्थित बांस डिपो मैदान में हुई इस हाईटेक लूट में पीड़ित युवक असगर खान को बीयर पीने के बहाने सुनसान जगह बुलाकर लूट लिया गया। इस वारदात की सबसे सनसनीखेज बात यह रही कि इस पूरी लूटकांड का मास्टरमाइंड उसका सबसे करीबी दोस्त ही निकला। पुलिस ने 48 घंटे के भीतर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर दिया है। लूट की कुल राशि लगभग 2.85 रुपए लाख आंकी गई है, जिसमें मोबाइल, नकदी, गहने और 98,000 रूपये का जबरन ऑनलाइन ट्रांजेक्शन शामिल है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार पीड़ित असगर खान ने 20 जून को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दो नकाबपोश युवकों ने उसके और उसके दोस्त नकीब खान के साथ चाकू की नोक पर लूट की और ऑनलाइन पेमेंट प्लेटफॉर्म PhonePe के जरिए 98,000 रूपये का ट्रांजेक्शन भी जबरन करवाया गया। जांच के दौरान जब पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद नकीब से सख्ती से पूछताछ की तो उसके बयान संदिग्ध पाए गए। तकनीकी जांच और कड़ाई से पूछताछ में नकीब टूट गया और उसने कबूल किया कि पूरी योजना उसी ने रची थी।
बीयर का बहाना और सुनसान मैदान में प्लान……
वारदात वाली रात नकीब ने असगर को बीयर पीने के बहाने सुनसान बांस डिपो मैदान में बुलाया। वहां पहले से ही स्कूटी में सवार नकाबपोश आरोपी पिन्टू उर्फ हिरेन्द्र सिन्हा (राजनांदगांव निवासी) और भरत बन्सोड (तुलसीपुर निवासी) मौजूद थे। जैसे ही असगर वहां पहुंचा, दोनों ने चाकू की नोक पर उसे लूट लिया। नकद, मोबाइल और गहनों के साथ-साथ फोन से पहले से सेट QR कोड स्कैन कर 98,000 रुपए की ऑनलाइन पेमेंट भी करवा ली गई। इस दौरान नकीब खुद को मासूम दिखाने का नाटक करता रहा। आरोपी नकीब खान पहले से बलवा, शासकीय कार्य में बाधा और आर्म्स एक्ट जैसे मामलों में आरोपी हैं वहीं आरोपी पिन्टू उर्फ हिरेन्द्र सिन्हा हत्या के एक मामले में संलिप्त हैं और आरोपी भरत बन्सोड गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल है। एक नाबालिग आरोपी को भी पुलिस ने अभिरक्षा में लिया है, जिसके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। थाना प्रभारी जितेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में डोंगरगढ़ पुलिस ने इस हाईटेक लूटकांड को चुनौती के रूप में लिया और महज 48 घंटों में मामले को सुलझा लिया। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लिया गया। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस अन्य संभावित संलिप्त लोगों की भी जांच कर रही है।
