सीपत के किसानों की गुहार; खेतों में भर रहा डैम का पानी, खेती हुई नामुमकिन…नवपदस्थ कलेक्टर के सामने खुली NTPC की पोल..त्रस्त किसान बोले..मिल रहा मुआवजा अब क्यों बंद? कलेक्टर ने कहा, गंभीर मामला, तुरंत होगी कार्रवाई!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंगलवार को साप्ताहिक जनदर्शन में आम जनता से रूबरू होकर उनकी समस्याएं सुनीं। दूर-दराज से आए नागरिकों ने अपनी मांगों और शिकायतों से जुड़े 150 से अधिक आवेदन कलेक्टर को सौंपे। कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देकर त्वरित निराकरण किया गया। जनदर्शन में सबसे गंभीर मामला सीपत तहसील क्षेत्र के ग्राम कौड़िया से सामने आया, जहां एनटीपीसी सीपत परियोजना से प्रभावित किसानों ने अपनी व्यथा कलेक्टर के समक्ष रखी। किसानों ने बताया कि एनटीपीसी डैम से पानी का रिसाव उनकी कृषि भूमि में फैल रहा है, जिससे खेत दलदल में तब्दील हो गए हैं और खेती लायक नहीं रहे। लगभग 50 किसानों की जमीन इस समस्या से प्रभावित है। किसानों ने यह भी बताया कि वर्ष 2011 से उन्हें मुआवजा दिया जा रहा था, लेकिन अब बिना किसी सूचना के मुआवजा बंद कर दिया गया है। कलेक्टर ने इस प्रकरण को अत्यंत गंभीर मानते हुए तत्काल एसडीएम मस्तूरी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बिल्हा के ग्राम खपराखोल निवासी लक्ष्मीनारायण दीक्षित ने खेत के पास झुके हुए 11 केवी विद्युत पोल को दुरुस्त कराने की मांग की, जिस पर कलेक्टर ने विद्युत विभाग के अधिकारियों को तत्काल सुधार कार्य कराने के निर्देश दिए। सीपत तहसील क्षेत्र के ग्राम सोंठी की महिला स्व-सहायता समूह की सदस्यों ने शासकीय स्कूल में मध्यान्ह भोजन संचालन की अनुमति मांगी, वहीं मस्तूरी विकासखंड के ग्राम धनगंवा की चित्रांगदा टंडन ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास न मिलने की शिकायत की। इन दोनों मामलों में भी कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। कोटा ब्लॉक के सिरसहा गांव के बलवंत नवरंग ने अपने पुत्र का जाति प्रमाण पत्र लंबित होने की बात रखी, जिससे उसकी पढ़ाई बाधित हो रही है। इस पर कलेक्टर ने कोटा एसडीएम को शीघ्र प्रमाण पत्र जारी करने को कहा। वहीं आरटीई के तहत विनर्स वैली स्कूल में पढ़ रहे बच्चों के पालकों ने बताया कि स्कूल बंद होने के कारण बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। पालकों ने बच्चों को आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में स्थानांतरित करने की मांग की, जिस पर कलेक्टर ने सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए समाधान का भरोसा दिलाया।
