16 वर्षीय नाबालिग छात्रा बनी मां, बच्चा शौचालय में फेंका..मौके पर मौत..कमोड में दफन मासूम की जिंदगी, पर सवाल रह गए: कहां थे जिम्मेदार?

छत्तीसगढ़: (प्रांशु क्षत्रिय) छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया। जिला मुख्यालय में स्थित सरकारी बालिका छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही एक नाबालिग छात्रा को पेट दर्द की शिकायत के बाद काटेकल्याण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान अस्पताल के बाथरूम से एक नवजात का शव मिलने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि 16 वर्षीय छात्रा ने चुपचाप बाथरूम में बच्चे को जन्म दिया और उसे शौचालय के कमोड में फेंक दिया। नवजात को तत्काल बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में पुष्टि की कि छात्रा गर्भवती थी, मगर उसने यह जानकारी किसी से साझा नहीं की थी। घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। नाबालिग छात्रा को निगरानी में रखा गया है और उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। इस मामले में यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह गर्भावस्था किसी जबरदस्ती का परिणाम थी या आपसी संबंध का। वहीं सवाल यह भी उठ रहा है कि छात्रावास प्रबंधन और स्कूल प्रशासन को इतनी बड़ी बात की भनक तक क्यों नहीं लगी। क्या यह घोर प्रशासनिक लापरवाही है या फिर छात्रा द्वारा जानबूझकर की गई इस बिंदु पर जांच जारी है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों को भी सूचना दे दी गई है। फिलहाल पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से जांच की जा रही है।
