बिलासपुर में वर्दी की मर्यादा शर्मसार; नशे में धुत सीपत का पुलिस आरक्षक सड़क पर लोटता मिला, वीडियो वायरल!

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) शहर से पुलिस विभाग की साख को ठेस पहुंचाने वाला एक शर्मनाक मामला सामने आया है। कोटा रोड स्थित सीवी रमन यूनिवर्सिटी के पास एक वर्दीधारी पुलिस आरक्षक को शराब के नशे में चूर होकर सड़क पर बेसुध पड़े देखा गया। यह पूरा घटनाक्रम राहगीरों ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जानकारी के अनुसार नशे में धुत यह आरक्षक विश्वकर्मा मंजारे है, जो एनटीपीसी सीपत का निवासी बताया जा रहा है और वर्तमान में पुलिस लाइन बिलासपुर में पदस्थ है। चौंकाने वाली बात यह है कि विश्वकर्मा मंजारे पिछले एक वर्ष से ड्यूटी से नदारद है और पुलिस विभाग में उसकी लगातार अनुपस्थिति दर्ज है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि आरक्षक वर्दी में सड़क पर पड़ा हुआ है और आसपास मौजूद लोग उसे उठाने की कोशिश कर रहे हैं। वीडियो में एक व्यक्ति आरक्षक को समझाते हुए कहता है…वर्दी की इज्जत को मिट्टी में मत मिलाओ, लेकिन नशे में बेसुध आरक्षक न तो उठने की स्थिति में था और न ही बैठने की। स्थानीय लोगों के अनुसार यह दृश्य बेहद शर्मनाक था और वर्दी के प्रति लोगों के विश्वास को चोट पहुंचाने वाला था। कुछ लोग जहां मामले को लेकर गुस्से में दिखे, वहीं कई राहगीर हैरान थे कि आखिर एक वर्दीधारी इस स्थिति तक कैसे पहुंचा। इस विषय में जब रक्षित केंद्र बिलासपुर के अधिकारियों से जानकारी ली गई, तो उन्होंने पुष्टि की कि आरक्षक विश्वकर्मा मंजारे एक साल से गैरहाजिर है। उसकी अनुपस्थिति की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को पहले ही भेजी जा चुकी है, लेकिन अब तक उसके खिलाफ कोई कठोर विभागीय कार्रवाई नहीं की गई। इस वायरल वीडियो के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर एक साल तक अनुपस्थित रहने वाले आरक्षक पर विभाग ने कोई कार्रवाई क्यों नहीं की? और यदि कार्रवाई हुई तो वह सार्वजनिक क्यों नहीं की गई? यह घटना सिर्फ एक आरक्षक की लापरवाही नहीं, बल्कि वर्दी की गरिमा और पुलिस व्यवस्था की जवाबदेही से जुड़ा मुद्दा बन गई है। अब देखना होगा कि पुलिस विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है। फिलहाल यह मामला सामान्य जनता और विभाग दोनों के लिए शर्मिंदगी का कारण बन चुका है।


















