बिलासपुर में हरे-भरे पेड़ की अवैध कटाई! बिना अनुमति काट डाला हरा-भरा पेड़, प्रशासन ने कसा शिकंजा..शहरीकरण की आड़ में उजड़ रहे हैं हरे-भरे पेड़, पेड़ों की अवैध कटाई पर सख्त कार्रवाई की जरूरत! खबर पढ़कर समझिए पूरा मामला……….

बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) शहर में पेड़ कटाई का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां जरहाभाठा मंदिर चौक के पास नजूल भूमि पर खड़े विशाल हरे-भरे पेड़ को बिना किसी सरकारी अनुमति के काट दिया गया। यह भूमि कृष्ण कुमार अग्रवाल के नाम पर आवंटित है, जिन्होंने पेड़ की अवैध कटाई करवा कर मौके पर समतलीकरण करा दिया। नियमों के अनुसार किसी भी सरकारी या निजी भूमि पर खड़े वृक्ष को काटने के लिए प्रशासन से अनुमति लेना अनिवार्य होता है, लेकिन इस मामले में किसी भी प्रकार की स्वीकृति नहीं ली गई। जैसे ही प्रशासन को इस अवैध कटाई की जानकारी मिली, एसडीएम मनीष साहू ने तुरंत एक्शन लेते हुए नजूल शाखा से रिपोर्ट मांगी और संबंधित व्यक्ति को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। शहर में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और औद्योगीकरण के चलते हरे-भरे पेड़ों को अंधाधुंध काटा जा रहा है, जिससे पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र को गंभीर नुकसान हो रहा है। यह मामला एक बार फिर पर्यावरण संरक्षण की अनदेखी और प्रशासनिक लापरवाही को उजागर करता है। पर्यावरणविदों का कहना है कि पेड़ काटने की बजाय उनके पुनरुत्पादन और संरक्षण पर ध्यान देना चाहिए। इस प्रकार की घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए सरकार को कड़े नियम बनाकर उनका कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या यह नोटिस सिर्फ एक औपचारिकता बनकर रह जाता है या दोषियों पर सख्त कार्रवाई होती है।


















