बैगा बच्चों की मौत का मामला गरमाया : कांग्रेस के 6 सदस्यीय दल ने किया कुमान गांव का दौरा, सरकार को घेरा
कबीरधाम के कुमान गांव में पांच बैगा बच्चों की मौत पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस के जांच दल ने गांव पहुंचकर कुपोषण और सरकारी योजनाओं को लेकर सरकार पर सवाल उठाए....


कवर्धा। कबीरधाम के वनांचल क्षेत्र में पांच बैगा बच्चों की मौत को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। मामले की पड़ताल के लिए कांग्रेस की ओर से गठित छह सदस्यीय दल कुमान गांव पहुंचा। कांग्रेस नेताओं ने गांव की स्थिति की जानकारी लेने के बाद बच्चों की मौत को लेकर सरकार और प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए। नेताओं का आरोप है कि बैगा परिवारों को सरकारी योजनाओं का पर्याप्त लाभ नहीं मिलने और गंभीर कुपोषण के कारण ऐसी स्थिति बनी है।
चार विधायकों समेत कांग्रेस नेता पहुंचे गांव
कांग्रेस के जांच दल में मोहला-मानपुर विधायक इंदर साव मांडवी, भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मनोज मांडवी, बिंद्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव, डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल और पूर्व विधायक ममता चंद्राकर सहित अन्य सदस्य शामिल रहे। गांव पहुंचने के बाद कांग्रेस नेताओं ने वहां के हालात की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि विशेष रूप से आदिवासी बैगा परिवारों के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक प्रभावी तरीके से नहीं पहुंच पा रहा है।
कुपोषण से मौत होने का कांग्रेस का दावा
कांग्रेस विधायकों का दावा है कि पांचों बच्चों की मौत के पीछे गंभीर कुपोषण एक बड़ी वजह है। नेताओं ने सवाल उठाया कि यदि सरकारी योजनाओं और आवश्यक सुविधाओं का लाभ समय पर परिवारों तक पहुंचता, तो बच्चों की बिगड़ती स्थिति पर पहले ही ध्यान दिया जा सकता था। कांग्रेस ने पूरे मामले में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता और योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन को लेकर भी शासन-प्रशासन को घेरा है।
राष्ट्रपति और राज्यपाल तक शिकायत ले जाने की बात
कांग्रेस इस मुद्दे को अब उच्च स्तर पर उठाने की तैयारी में है। जांच दल में शामिल नेताओं ने कहा कि पांच बैगा बच्चों की मौत के मामले को लेकर राष्ट्रपति और राज्यपाल से मुलाकात की जाएगी। उनके सामने पूरे मामले की शिकायत रखने की बात भी कांग्रेस नेताओं ने कही है।
चार महीने में पांच मौत, 16 बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराने की जानकारी
रेंगाखार वनांचल क्षेत्र के ग्राम नंदनी कुमान में पिछले करीब चार महीने के दौरान पांच बच्चों की मौत होने की जानकारी सामने आई है। वहीं गांव के करीब 16 बच्चों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बोड़ला में भर्ती कराए जाने की भी बात सामने आई है।




