सेलर में जमीन की नापजोख पर बवाल; एक खसरे की जांच पर सवाल..सीमांकन या सियासी निशाना? 80 से ज्यादा घरों की नापजोख, कांग्रेस ने लगाया राजनीतिक दबाव का आरोप!


बिलासपुर: (प्रांशु क्षत्रिय) बेलतरा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सेलर में जमीन के सीमांकन को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। तहसील न्यायालय के आदेश के बाद बुधवार को राजस्व विभाग की दो आरआई और चार पटवारियों की टीम गांव पहुंची और खसरा नंबर 120 की जमीन की जांच एवं नापजोख की। कार्रवाई के दौरान गांव के 80 से अधिक लोगों के घरों की भी नापजोख किए जाने की बात सामने आई है। इनमें कई ऐसे परिवार शामिल हैं, जिनका दावा है कि वे पिछले 80 से 90 वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं। राजस्व विभाग की इस कार्रवाई के बाद ग्रामीणों में नाराजगी और भविष्य को लेकर चिंता का माहौल है। ग्रामीणों को आशंका है कि कहीं रायपुर के नकटी गांव जैसी स्थिति न बन जाए। हालांकि, ग्राम पंचायत सेलर के सरपंच धनंजय सिंह ठाकुर ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाते हुए कहा है कि उनके रहते किसी का घर उजड़ने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए उन्हें आर्थिक, राजनीतिक या किसी भी स्तर पर संघर्ष करना पड़े, वे पीछे नहीं हटेंगे। वहीं कांग्रेस नेताओं ने राजस्व कार्रवाई को लेकर राजनीतिक दबाव का आरोप लगाते हुए बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला पर बदले की भावना से कार्रवाई कराने का आरोप लगाया है।
खड़ी फसल के बीच सीमांकन, नियमों को लेकर उठे सवाल…….
ग्रामीणों ने सीमांकन की समय-सीमा और प्रक्रिया को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि खेतों में अभी खड़ी फसल है और मानसून के दौरान सीमांकन को लेकर लागू प्रतिबंधों के बावजूद राजस्व टीम गांव पहुंची। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि आखिर ऐसी परिस्थितियों में सीमांकन की कार्रवाई किस आदेश और किन परिस्थितियों में की गई। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष एवं बेलतरा विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी ने भी कार्रवाई पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि आम व्यक्ति को अपनी जमीन का सीमांकन कराने के लिए राजस्व कार्यालय और अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। कई बार लंबे इंतजार के बाद सीमांकन की प्रक्रिया पूरी होती है। ऐसे में बिना पूर्व सूचना के राजस्व टीम का मौके पर पहुंचकर सीमांकन करना कई सवाल खड़े करता है।
सिर्फ खसरा नंबर 120 की जांच क्यों? 60 एकड़ के सभी खसरों की जांच की मांग……
ग्राम सेलर के सरपंच धनंजय सिंह ठाकुर ने कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए सीमांकन किया जा रहा है, तो जांच केवल एक खसरा नंबर तक सीमित क्यों रखी गई है। सरपंच का कहना है कि उनकी करीब 60 एकड़ जमीन से जुड़े सभी खसरों की एक साथ जांच और सीमांकन कराया जाना चाहिए, ताकि किसी तरह के पक्षपात की गुंजाइश न रहे। उन्होंने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। सरपंच ने आरोप लगाया कि उनके कांग्रेस से जुड़े होने के कारण उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र में वन भूमि पर कथित मुरुम खनन, अरपा नदी से रेत उत्खनन, जमीन एवं कॉलोनाइजिंग से जुड़े मामलों और मल्टी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल से संबंधित जमीन के मामले की भी निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
80-90 साल पुराने घरों की नापजोख से बढ़ी चिंता…..
राजस्व टीम की कार्रवाई के दौरान 80 से अधिक लोगों के घरों की नापजोख किए जाने की जानकारी सामने आई है। इनमें कई परिवार ऐसे बताए जा रहे हैं, जो पीढ़ियों से गांव में निवास कर रहे हैं। मौके पर मौजूद कांग्रेस के पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी और कांग्रेस नेता राजेंद्र साहू ने कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि दशकों से बसे परिवारों को किसी भी तरह से परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रभाव के चलते लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यदि राजस्व विभाग को जमीनों की जांच करनी है तो कार्रवाई पूरी तरह पारदर्शी और समान रूप से होनी चाहिए। किसी व्यक्ति की राजनीतिक विचारधारा या राजनीतिक संबंधों के आधार पर कार्रवाई की आशंका नहीं होनी चाहिए।
सरपंच बोले- मेरे रहते किसी का घर नहीं उजड़ने दूंगा..…
सरपंच धनंजय सिंह ठाकुर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सेलर में किसी भी परिवार के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण लंबे समय से यहां रह रहे हैं और उनके घरों को लेकर किसी भी प्रकार की कार्रवाई की गई तो वे ग्रामीणों के साथ खड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों के हित में उन्हें आर्थिक, राजनीतिक या किसी भी स्तर पर संघर्ष करना पड़े तो वे पीछे नहीं हटेंगे।
जांच रिपोर्ट के बाद साफ होगी तस्वीर…….
बुधवार को राजस्व विभाग की टीम ने सुबह से खसरा नंबर 120 की जांच की। इसके साथ ही कई घरों की नापजोख भी की गई। हालांकि जांच में क्या तथ्य सामने आए, इसकी विस्तृत जानकारी राजस्व विभाग की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई है। अधिकारियों के अनुसार जांच के बाद रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन की वास्तविक स्थिति क्या है और आगे किस आधार पर कार्रवाई की जानी है।
13 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट घेराव का ऐलान……
सेलर का सीमांकन विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है। कांग्रेस नेताओं ने इस मामले सहित ग्रामीणों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर 13 अक्टूबर को कलेक्ट्रेट घेराव करने का ऐलान किया है। कांग्रेस का कहना है कि आंदोलन के जरिए ग्रामीणों के हितों की रक्षा, राजस्व कार्रवाई में पारदर्शिता और कथित राजनीतिक दबाव की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई जाएगी। अब निगाहें राजस्व विभाग की जांच रिपोर्ट और 13 अक्टूबर को प्रस्तावित आंदोलन पर टिकी हैं।

