हल्दी बीज वितरण में गड़बड़ी की शिकायत पर सरकार सख्त : मंत्री नेताम ने दिए जांच के निर्देश, अनुदान भुगतान पर भी रोक
छत्तीसगढ़ में हल्दी बीज वितरण में गड़बड़ी की शिकायत पर जांच शुरू हो गई है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम के निर्देश पर टीम गठित कर अनुदान भुगतान पर रोक लगाई गई....



रायपुर। छत्तीसगढ़ में उद्यानिकी विभाग की हल्दी बीज वितरण योजना में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की शिकायतों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम के निर्देश पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। संचालनालय स्तर पर जांच टीम गठित कर जिलों से हितग्राहियों और बीज वितरण से जुड़े दस्तावेज मंगाए गए हैं।
हितग्राहीवार रिकॉर्ड खंगाले जा रहे
जांच के लिए जिला अधिकारियों से प्रत्येक हितग्राही को उपलब्ध कराए गए हल्दी बीज की मात्रा, बीज सप्लाई करने वाली संस्थाओं का विवरण, बीज की गुणवत्ता और किसानों को दिए गए अनुदान की जानकारी मांगी गई है। विभाग ने अधिकारियों को किसानों द्वारा लगाए गए हल्दी बीज से जुड़े दस्तावेज, भुगतान का रिकॉर्ड और खेतों में फसल की वास्तविक स्थिति से संबंधित भौतिक सत्यापन की रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
खेतों में होगा डिजिटल क्रॉप सर्वे
जांच सिर्फ कागजी रिकॉर्ड तक सीमित नहीं रहेगी। विभाग ने किसानों के खेतों में डिजिटल क्रॉप सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं। इसके जरिए यह जांचा जाएगा कि रिकॉर्ड में दर्ज रकबे के मुकाबले वास्तव में कितने क्षेत्र में हल्दी की फसल लगाई गई है। इसके साथ ही बीज वितरण के रिकॉर्ड, सप्लायर संस्थाओं की जानकारी, देयक, पंजीयन टैग और भौतिक सत्यापन दस्तावेजों की भी जांच की जाएगी। खेतों में लगी फसल के GPS आधारित फोटो भी लिए जाएंगे, ताकि सरकारी रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का मिलान किया जा सके।
1300 हेक्टेयर में हल्दी विस्तार का लक्ष्य
राज्य पोषित मसाला क्षेत्र विस्तार प्रोत्साहन योजना के तहत वर्ष 2026-27 में प्रदेश में करीब 1300 हेक्टेयर क्षेत्र में हल्दी की खेती बढ़ाने का कार्यक्रम है। योजना के तहत प्रमाणित हल्दी बीज की व्यवस्था स्वयं करने वाले पात्र किसानों को प्रति हेक्टेयर 46 हजार रुपये तक का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। किसान द्वारा बीज की व्यवस्था कर आवेदन प्रस्तुत करने के बाद मैदानी अमले द्वारा सत्यापन किया जाता है। सत्यापन के आधार पर अनुदान राशि सीधे किसान के बैंक खाते में भुगतान की जाती है।
जांच पूरी होने तक रुका अनुदान
हल्दी बीज वितरण और फसल सत्यापन को लेकर शिकायतें सामने आने के बाद विभाग ने फिलहाल अनुदान भुगतान की प्रक्रिया रोक दी है। अब किसानों के दस्तावेज, बीज की मात्रा, खेती का रकबा और खेत में मौजूद फसल का सत्यापन किया जाएगा। जांच के बाद ही पात्रता और भुगतान को लेकर आगे फैसला होगा।
दोषी मिले तो होगी कार्रवाई
विभाग का कहना है कि जांच का उद्देश्य योजना में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और वास्तविक पात्र किसानों तक सरकारी लाभ पहुंचाना है। जांच के दौरान यदि कोई अधिकारी, कर्मचारी या संबंधित संस्था अनियमितता में दोषी पाई जाती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।




